भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में परंपरा और विकास को जोड़ने की दिशा में दो अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप मनाया जाएगा, जिसमें गौशालाओं और पशुपालकों की विशेष भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर पशुपालन और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस को उद्योग एवं रोजगार वर्ष की थीम पर भव्य रूप से मनाया जाए। इस अवसर पर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में हुए नवाचारों, कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा और उद्यमशीलता विकास की झलक प्रभावी रूप से प्रस्तुत की जाए। डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग रोजगार के मंदिर हैं, इसलिए स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में आई गतिशीलता को भी प्रस्तुत किया जाए। भोपाल में राज्य स्तरीय आयोजन के साथ सभी जिलों और संभागीय मुख्यालयों पर भव्य कार्यक्रम होंगे।
