क्विटो, 17 नवंबर (वार्ता) इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ की योजनाओं को उस समय जोरदार झटका लगा जब एक जनमत संग्रह में लाेगों ने विदेशी सैन्य ठिकानों के अनुमति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इक्वाडोर के नागरिकों ने अपने देश में विदेश सेनाओं की उपस्थिति के बजाय राष्ट्रीय संप्रभुता को प्रमुखता से चुना है।
विदेशी सैन्य ठिकानों की अनुमति देने के प्रस्ताव को खारिज करना अमेरिका की महत्वाकांक्षाओं को भी ठिकाने लगाने जैसा है। अल जजीरा ने यह जानकारी दी है।
राष्ट्रपति नोबोआ के लिए यह हार एक झटका के समान है जिनका मानना था कि संगठित अपराध से निपटने के लिए विदेशी सैन्य ठिकानों की स्थापना सहित विदेशी सहयोग का होना बेहद जरूरी है। उल्लेखनीय है कि इक्वाडोर ने पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोर्रिया के कार्यकाल में 2008 में विदेशी सैन्य ठिकानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। रविवार के जनमत संग्रह में राजनीतिक दलों के लिए सरकारी वित्त पोषण में कमी करने और राष्ट्रीय सभा में प्रतिनिधियों की संख्या 151 से घटाकर 73 करने पर भी मतदान हुआ। जनमत संग्रह में दोनों प्रस्तावों को भारी अंतर से खारिज कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि नोबोआ सरकार द्वारा सुरक्षा में सुधार के नाम पर प्रचारित इस जनमत संग्रह की आलोचना कोर्रिया की ‘नागरिक क्रांति’ की विरासत को खत्म करने के एक रणनीतिक कदम के रूप में की गई थी। मतदान में शामिल उपायों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की अनुमति देना, संसदीय प्रतिनिधित्व को आधा करना और एक नयी संविधान सभा के आह्वान को वामपंथी और स्वदेशी विरोध को कमजोर करने, रणनीतिक क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वामित्व को कमजोर करने और इक्वाडोर के संवैधानिक अधिकारों को रद्द करने के प्रयासों के रूप में देखा गया है।

