सतना:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रदेश दौरे के बाद कांग्रेस संगठन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रदेश के 60 जिले के लिए एक साथ पर्यवेक्षक नियुक्ति की घोषणा कर दी है.विन्ध्य के सात जिलों के नियुक्त पर्यवेक्षकों में कांग्रेस की आन्तरिक गुटबाजी का प्रभाव कम नजर आ रहा है.गौरतलब है प्रदेश में लम्बे समय तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस पिछले ढ़ाई दशक से सत्ता से बाहर है.
कहने के लिए 2018 में डेढ़ साल के लिए जनता ने बहुमत से सरकार बनाई,लेकिन नेताओं की आपसी खीचतान में कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार भाजपा की रणनीतिक जीत के कारण सत्ता से बाहर हो गई.पहली बार श्री गांधी के सख्त रूख के कारण कांग्रेस संगठन में कुछ नया होने की उम्मीद अभी से व्यक्त की जाने लगी है.गुरूवार को जारी पर्यवेक्षकों की सूची में विन्ध्य में जिन नेताओं को बतौर पर्यवेक्षक नियुक्त कर संगठन ने भेजा है.उससे निष्पक्ष चयन की सम्भावना प्रबल नजर आ रही है.
जारी सूची में विन्ध्य के सात जिलों के लिए जिन्हे दायित्व सौपा गया है.उनमें रीवा का जिम्मा अशोक सिंह के नेतृत्व में संजय शर्मा और अजय अवस्थी को दिया गया है.सतना शहर के लिए आलोक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विनय सक्सेना और प्रियदर्शन गौड को भेजा गया है.नवगठित मउगंज और मैहर के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई है.मउगंज में हेमन्त कटारे के मार्गदर्शन में डां अशोक मस्कोले और राजा बघेल को नियुक्त किया गया है.
मैहर में जिलाध्यक्ष के चयन के लिए भूपेन्द्र मरावी के नेतृत्व में गुरमीत सिंह मंगू, नितेन्द्र राठौर को नियुक्त किया गया है.सीधी और सिंगरौली के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई है.सीधी की टीम अरूण यादव के नेतृत्व अजय टंडन और सम्राट सर्बर को शामिल किया गया है.सिंगरौली ओकार मरकाम के साथ कविता पाण्डेय और सुनील सराफ को भेजा गया है.पन्ना जिले में सईद अहमद के मार्गदर्शन में संजय यादव और राजभान सिंह को जिम्मा सौपा गया है.
