तेहरान, 8 फरवरी (वार्ता) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने रविवार को कहा कि उनके देश और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई परमाणु वार्ता “आगे की दिशा में बढ़ा एक कदम” बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ये चर्चाएं पश्चिम एशिया क्षेत्र में “दोस्त” सरकारों के प्रयासों के परिणामस्वरूप हुईं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत हमेशा से ईरान की चुनी हुई रणनीति रही है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई। इस बीच, शुक्रवार की बातचीत में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, “कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमारे पास क्या होना चाहिए और क्या नहीं।”
उन्होंने ईरान की राजधानी तेहरान में एक राष्ट्रीय सम्मेलन में आश्वासन दिया कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने किसी भी तरह की ‘दादागिरी’ को दृढ़ता से खारिज किया। श्री इराक़ची ने कहा, “अगर वे ईरानी लोगों से ताकत की भाषा में बात करेंगे, तो हम उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगे। अगर वे हमसे सम्मान की भाषा में बात करेंगे, तो उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।” अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार की बातचीत ऐसे समय में आयी है जब अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में अपने युद्धपोत तैनात किये हैं, जबकि ईरान ने भी मिसाइलों के परीक्षण से अपनी ज़ोर आज़माइश की है। बातचीत खत्म होने के बाद, श्री अराघची ने कहा, “कुल मिलाकर, मैं कह सकता हूं कि यह एक अच्छी शुरुआत थी। इस प्रक्रिया का जारी रहना दोनों पक्षों के अपनी राजधानियों में परामर्श और इसे कैसे जारी रखना है, इस बारे में उनके फैसलों पर निर्भर करता है।”

