सतना :अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे ने शनिवार को सतना कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक लेकर चित्रकूट विकास परियोजना और नगर निगम सतना के प्रगतिरत विकास कार्यो एवं परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए 5 सौ करोड़ रूपये का फण्ड अपने स्त्रोत या बाण्ड के जरिए एकत्र कर यूसीएफ के तहत नगर निगम को विकास के बड़े प्रोजेक्ट हाथ में लेने चाहिए।
उन्होंने कहा कि चित्रकूट विकास की सभी परियोजनायें और नगर निगम द्वारा संचालित विकास परियोजनाओं के कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे किये जायेंगे। इस मौके कमिश्नर रीवा बी.एस. जामोद, कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस, एमपीयूडीसी के अतिरिक्त प्रबंध संचालक दिव्यांक सिंह, नगर निगम आयुक्त शेर सिंह मीना, सहायक कलेक्टर अनिकेत शांडिल्य, उपायुक्त सत्यम मिश्रा सहित एमपीयूडीआईसी एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव ने चित्रकूट विकास के चल रहे कार्यो की समीक्षा में कहा कि मंदाकिनी के घाटों में बनाये जाने वाले आध्यात्मिक अनुभव स्वदेश दर्शन योजना के कार्यो के साथ मल्टी फेसिलिटी सेन्टर और पार्किंग के प्रावधान भी किये जाये। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के आध्यात्मिक वैभव की जानकारी यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मिल सके ऐसी जानकारियों को भी शामिल करें।
सतना नगर निगम के कार्यो की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 4210 आवासों में से 4075 आवास पूरे कर लिये गये है। ईडब्ल्यूएस आवासों में स्वीकृत 2446 आवास पूर्ण कर 2224 आवास अधिपत्य में दिये गये है।
नगर पंचायत रामपुर बघेलान में 216 पूर्ण आवासों में 116 आवासों का अधिपत्य शेष है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पूर्व चयनित हितग्राही आवासों को नहीं ले रहे है तो जरूरतमंद अन्य पात्र हितग्राही को आवास अधिपत्य में दिये जाये। उन्होंने कहा कि सतना शहर में वायु की गुणवत्ता बेहतर नहीं है। वायु प्रदूषण को रोकने सडकों के किनारे खाली प्लाट एवं अन्य उचित स्थानों पर वृक्षारोपण कार्य हाथ में लिये जाये।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नगर निगमों को उपलब्ध अधोसंरचना और आवश्यक जरूरतों का आंकलन कर कार्ययोजना बनानी चाहिए और अपने उपलब्ध हो सकने वाले फण्ड से यूसीएफ के तहत 200 से 500 करोड के प्लान क्रियान्वित करने चाहिए। अमृत योजना 1.0 में 42 एमएलडी क्षमता के एसटीपी में 44880 कनेक्शन के विरूद्ध 15407 कनेक्शन ही किये जाने की वजह जानी। बचे हुए कनेक्शन मार्च 2026 में पूरे कर लेने की बात अधिकारियों द्वारा कही गई। बताया गया कि अमृत 2.0 योजना में सीवरेज स्कीम के 4 प्रोजेक्ट है। जिनका कार्य दीपावली के पहले पूर्ण कर लिया जायेगा। अपर मुख्य सचिव ने सीवरेज स्कीम के कार्य पर संतोष व्यक्त किया।
अपर मुख्य सचिव ने गीता भवन प्रोजेक्ट और स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे शेष 3 प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने मल्टी स्पोर्टस काम्पलेक्स के मेन्टीनेंस और उपयोगी बनाये रखने स्पोर्ट्स क्लब बनाने और विभिन्न खेल एकडमी को भी शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे अमृत परियोजना उपरांत शेष क्षेत्रों में पाइप लाइन एवं टंकी का निर्माण और उमरी, खेरमाई एवं गहरा नाला का लाइनिंग एवं पुर्नविकास कार्य की समीक्षा की।
नगर निगम के राजस्व वसूली में प्रापर्टी टैक्स, किराया, ट्रेड एवं विविध करो की 85613 सम्पत्तियों में मांग 192 करोड के विरूद्ध 25 करोड की वसूली पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगम द्वारा सुविधायें दी जा रही है तो उनका टैक्स भी वसूलना चाहिए। इनमें 17.63 करोड प्रापर्टी टैक्स, 3.73 करोड जलकर, 2.75 करोड किराया शामिल है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्व की वसूली बढाते हुए मांग 192 करोड के विरूद्ध कम से कम 50 करोड रूपये के राजस्व की वसूली करें।
