
इटारसी। आज शुक्रवार 6 फरवरी से श्रद्धा, समर्पण और विश्वास का अनुपम संगम पचमढ़ी के प्रसिद्ध महाशिवरात्रि मेले के रूप में प्रारंभ हुआ। प्रथम दिवस से ही भक्तो की कतार भगवान भोलेनाथ के मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रही है। मध्यप्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी की सुरम्य वादियों में स्थित भगवान भोलेनाथ को समर्पित प्राचीन चौरागढ़ मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के निर्देशानुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा चौरागढ़ मंदिर परिसर में आरओ प्लांट स्थापित किया गया है। पीएचई विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार पानी का शुद्धिकरण करने के लिए विशेष फिल्टर प्लांट लगाया गया है।
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पानी की प्रतिदिन टेस्टिंग भी की जाएगी। पानी को पूर्ण रूप से जांचने और शुद्धता सुनिश्चित होने के बाद ही पानी को वाटर फिल्टर प्लांट से पाइपलाइन के माध्यम से मंदिर एवं अन्य स्थानों के लिए निर्धारित पेयजल केंद्रों तक सप्लाई किया जाएगा। साथ ही उच्च शिखर पर स्थित चौरागढ़ मंदिर में भी श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर सुश्री मीना द्वारा पूर्व में ही पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने हेतु नियमित टेस्टिंग के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
महाशिवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पचमढ़ी से महादेव तक टैक्सी किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा, साफ-सफाई एवं आवागमन की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। पूरे मेला क्षेत्र में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो निरंतर मेले की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखेंगे। इसके साथ ही पुलिस एवं होमगार्ड के जवानों की भी तैनाती की गई है, जो मेला अवधि के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सतत रूप से उपस्थित रहेंगे।
