नयी दिल्ली, 06 फरवरी (वार्ता) दिल्ली पुलिस ने शहर में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लिखने में शामिल दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार ये गिरफ्तारियां कंझावला थाना पुलिस की एक टीम ने की हैं। जांच की शुरुआत 22 जनवरी को अमेरिका स्थित खालिस्तान समर्थक अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा जारी एक वीडियो के बाद हुई थी, जो भारत में गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है।
रोहिणी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (डीसीपी) राजीव रंजन ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “वीडियो में दावा किया गया था कि दिल्ली में कई स्थानों पर देश विरोधी नारे लिखे गए हैं। 23 जनवरी को स्पेशल सेल में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और विस्तृत जांच शुरू कर दी गयी।”
श्री रंजन ने कहा कि एक विशेष टीम ने इस मामले की जांच शुरू की और बाद में पाया कि कंझावला क्षेत्र में दो स्थानों पर नारे लिखे गए थे। अधिकारी ने बताया कि हालांकि जब पुलिस वहां पहुंची तो निशान स्पष्ट नहीं थे। तकनीकी निगरानी के माध्यम से पुलिस ने इसमें शामिल व्यक्तियों का पता लगाया, जिनकी पहचान रोहिणी सेक्टर-25 के एम्बुलेंस चालक बलजिंदर (29) और रोहिणी सेक्टर-15 के उसके सहायक रोहित (25) के रूप में हुई।
डीसीपी ने अपने बयान में कहा, “दोनों को गिरफ्तार कर 26 जनवरी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था।” पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चंदर विहार निवासी दलजीत बंसल के निर्देश पर नारे लिखे थे, जो 2025 में कनाडा चला गया था।
अधिकारी ने कहा, “आरोपियों ने दावा किया कि उनसे नारा लिखने के लिए प्रत्येक स्थान के हिसाब से एक लाख रुपये का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें कभी भुगतान नहीं मिला।”
पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किया गया एक दोपहिया वाहन और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के पीछे का मकसद वैचारिक होने के बजाय आर्थिक लाभ था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों आरोपियों का कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं है। डीसीपी ने कहा कि इसमें शामिल सभी पक्षों और दिल्ली में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ी किसी भी आगे की योजना की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
