​बोर्ड परीक्षा: सीहोर में 5 केंद्र अति संवेदनशील, नकल रोकने के लिए प्रशासन का जीरो टॉलरेंस प्लान

सीहोर। माध्यमिक शिक्षा मंडल की वार्षिक परीक्षाएं आगामी 10 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं. जिले में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस वर्ष सीहोर जिले में कुल 101 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 5 केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है. वार्षिक परीक्षाओं में 38 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे.

परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं. अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल, उडऩदस्ते और सतत निगरानी की व्यवस्था रहेगी. वहीं सामान्य केंद्रों पर भी कलेक्टर के निर्देशानुसार कड़ी सतर्कता बरती जाएगी.

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर बैठने, पेयजल और प्राथमिक स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचने की अपील की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके. जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग समन्वय के साथ परीक्षा अवधि के दौरान अलर्ट मोड में रहेगा. संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी, वहीं उडऩदस्ते अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे.

बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिलेभर में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में हलचल तेज है. प्रशासन की कोशिश है कि परीक्षाएं बिना विवाद व व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हों.

परीक्षार्थियों में तनाव तो अभिभावक भी चिंतित

माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं. परीक्षा की तारीख नजदीक आते ही जहां छात्रों में तनाव साफ दिखाई देने लगा है, वहीं अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है.परीक्षा से पहले के अंतिम दिनों में छात्र रीविजन और मॉडल पेपर हल करने में जुटे हैं, लेकिन समय की कमी और अच्छे परिणाम का दबाव उन पर साफ झलक रहा है. कक्षा 12वीं के छात्र आदित्य शर्मा का कहना है, तैयारी अच्छी है, लेकिन परीक्षा पास आते ही घबराहट बढ़ जाती है. बस यही कोशिश है कि तनाव को खुद पर हावी न होने दूं. वहीं 10वीं की छात्रा नेहा मालवीय ने बताया, पूरा साल पढ़ाई की है, लेकिन आखिरी समय में हर विषय को दोहराने का दबाव रहता है. घरवालों का सहयोग बहुत जरूरी है. अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं. एक अभिभावक रमेश यादव ने कहा, बोर्ड परीक्षा बच्चों के लिए बहुत अहम होती है. हम चाहते हैं कि बच्चे बिना तनाव के परीक्षा दें, इसलिए उन पर ज्यादा दबाव नहीं डाल रहे हैं. दूसरे अभिभावक सावित्री बाई का कहना है, बच्चों की नींद और सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है. परीक्षा के डर से वे खुद पर बहुत दबाव बना लेते हैं.

सख्त निर्देश- नकल पर जीरो टॉलरेंस

कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. प्रत्येक केंद्र पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष के साथ ही पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है. परीक्षा कक्षों में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की सघन जांच होगी.इस बार भी परीक्षा के दौरान पेपर लीक जैसी अफवाहें रोकने के लिए प्रशासन द्वारा निगरानी की जाएगी. परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. सेंटर पर सिर्फ कलेक्टर प्रतिनिधि को ही इसमें छूट रहेगी. एग्जाम के दौरान सेंटर में सीएस से लेकर एग्जामिनर को भी मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंधित के साथ सभी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को प्रतिबंधित किया गया है.

थाने से ही शुरू होगी निगरानी

परीक्षा में तैनात सभी अधिकारी मोबाइल पर मंडल का एप डाउनलोड करेंगे. एप से पुलिस थाने से प्रश्न-पत्र के निकलने की एंट्री, केंद्रों पर प्रश्न-पत्र खोलने और वितरण के साथ परीक्षा खत्म होने के बाद बंडल बनाने और मूल्यांकन केंद्र पर परीक्षार्थी की कॉपी जमा करने तक की ऑनलाइन एंट्री की जाएगी. इसी तरह प्रश्नपत्र के बंडल लोकेशन ट्रेस की जाएगी.

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