इस्लामाबाद | पड़ोसी देश पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आर्थिक तंगहाली के बीच गटर के ढक्कन चोरी होने की घटनाओं ने सरकार की नींद उड़ा दी है। मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस समस्या से निपटने के लिए एक बेहद सख्त कानून की घोषणा की है। अब यदि कोई व्यक्ति मैनहोल का ढक्कन चुराता, उसे खरीदता या बेचता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। यह फैसला लाहौर और सरगोधा जैसी जगहों पर खुले सीवर में गिरकर मासूम बच्चों और महिलाओं की मौत के बाद लिया गया है। मरियम नवाज ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस कृत्य को “मानवीय जीवन से खिलवाड़” करार दिया है।
पाकिस्तान में एक नए मैनहोल ढक्कन की कीमत करीब 8,000 से 12,000 पाकिस्तानी रुपये है, लेकिन चोरों की असली नजर इसमें लगे 30 किलो वजनी लोहे के रिंग पर होती है। रिपोर्ट के अनुसार, यह चोरी अब केवल नशेड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित गिरोह शामिल हो गए हैं। ये गिरोह चोरी किए गए लोहे को कबाड़ी बाजारों और फैक्ट्रियों में बेच रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि यदि कोई फैक्ट्री या कबाड़ी इस अवैध धंधे में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पुलिस ने अब कबाड़ की दुकानों पर छापेमारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
खुले मैनहोल के कारण हो रही मौतों ने पाकिस्तान की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिसंबर 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अब पानी और सीवर एजेंसियों (WASA) को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि किसी क्षेत्र में खुला मैनहोल पाया गया और हादसा हुआ, तो संबंधित अधिकारियों पर करोड़ों का जुर्माना लगेगा। सड़कों पर बढ़ते खतरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को हर वार्ड में ढक्कनों की निगरानी करने को कहा गया है। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में इस तरह के “गटर कानून” की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती बन गई है।

