
भोपाल। मुख्यमंत्री सचिवालय में ताजपोशी के बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नीरज मंडलोई अब कल सोमवार से सक्रिय रूप से कार्यभार संभालेंगे, क्योंकि उनके कक्ष का वास्तु दोष दूर कर लिया गया है।
बतौर अतिरिक्त मुख्य सचिव उनकी नियुक्ति ने प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को शुरू किया है। वे पूर्ववर्ती सरकार में भी अहम पदों पर रहे। उनकी कार्यशैली को तेज, सटीक और शीघ्र निर्णय लेने वाली माना जाता है। यही कारण है कि सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।
हालांकि, मंडलोई ने पदभार ग्रहण तो कर लिया था, लेकिन अब तक वे सचिवालय के अपने कक्ष में नहीं बैठे। सूत्रों के अनुसार, इसके पीछे कक्ष का वास्तु दोष प्रमुख कारण था। बताया जा रहा है कि वास्तु संबंधी उपायों के बाद अब वे कल सोमवार से अपने कक्ष में नियमित रूप से बैठना शुरू करेंगे।
सूत्रों ने कहा, नीरज मंडलोई ने चैंबर में बैठने से पूर्व वास्तु विशेषज्ञों की सलाह ली। कक्ष में प्रवेश द्वार, कुर्सी की दिशा, प्रकाश व्यवस्था आदि में जरूरी बदलाव किए हैं। कहा जा रहा है कि उनकी पत्नी स्वयं भी वास्तु की गहरी जानकार हैं और इन परिवर्तनों में उनकी भूमिका भी है। इन उपायों के बाद अब वे मानसिक रूप से भी आश्वस्त हैं कि यह परिवर्तन उनके कार्यकाल में स्थायित्व और सकारात्मक ऊर्जा लाएगा।
प्रशासनिक जानकार मानते हैं कि मुख्यमंत्री सचिवालय जैसा संवेदनशील पद लगातार बदलावों से प्रभावित हुआ है।सरकार गठन के बाद यह तीसरा बड़ा बदलाव है। ऐसे में मंडलोई की नियुक्ति न केवल सरकार की प्राथमिकताओं को मूर्त रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे सचिवालय में स्थायित्व की उम्मीद भी जगी है।
नीरज मंडलोई की छवि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए जानी जाती हैं। अब जबकि वे अपने कक्ष में बैठने जा रहे हैं, यह उम्मीद की जा रही है कि नीति-निर्माण और प्रशासनिक प्रक्रिया की रफ्तार में उल्लेखनीय तेजी आएगी। साथ ही लंबित मामलों का तेजी से निराकरण होगा और मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं को प्रभावशाली ढंग से लागू किया जाएगा।
