
जबलपुर। केंद्रीय विद्यालय के आगे जीसीएफ मार्ग पर सड़क क्रॉस करते वक्त बुधवार को एक चीतल दोपहिया वाहन से टकरा गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दोपहिया वाहन में सवार पति-पत्नि को भी गंभीर चोटें आईं हैं जिन्हें स्थानीयजनों के द्वारा अस्पताल भिजवाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने नवभारत को बताया कि जीसीएफ की मुख्य सड़क में ट्रैफिक अधिक था इसी बीच केवी के आगे अचानक सड़क पर चीतल आ गया। अचानक चीतल के आने से दोपहिया सवार चालक वाहन संभाल नहीं पाया जिस वजह से चीतल और वाहन की भिड़ंत हो गई। इसमें चीतल ने दम तोड़ दिया।
जाली से करना चाहिए इलाका कवर
वहीं जानकारों का कहना है कि वन विभाग को जीसीएफ, खमरिया सहित आसपास के क्षेत्र में जाली जलाकर जंगली इलाके को कवर करना चाहिए जिससे जंगली जानवर उस जाली के अंदर ही रहें और बाहर सड़क पर न आए। ऐसा करने से मूक पशुओं की मौतें होने से बचेंगीं और उन्हें जिंदगी भी जीने के लिए मिलेगी। इसको लेकर वन परिक्षेत्र अधिकारी अपूर्व शर्मा का तर्क है कि जीसीएफ वाला इलाका सेना का क्षेत्र है और वह जंगली इलाका नहीं है इसलिए उसमें जाली लगाने का अधिकार क्षेत्र वन विभाग का नहीं है।
इनका कहना है-
— स्कूटी सवार दंपति की टक्कर से केंद्रीय विद्यालय के आगे जीसीएफ रोड पर चीतल की मौत हुई है। इस मार्ग पर और अधिक स्पीड ब्रेकर बनाने का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी विभाग को भेजने की तैयारी चल रही है। क्योंकि अधिकांशत: देखा गया है कि वाहन चालक पाटबाबा, जीसीएफ वाली रोड पर बहुत तेज गति से वाहन चलाते हैं और इस तरह की दुर्घटनाएं घटित होतीं हैं।
–अपूर्व शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी।
