
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने G7 में रूस की वापसी की वकालत की, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर किया हमला; वैश्विक मंच पर बयानबाजी से बढ़ी हलचल।
वाशिंगटन डीसी, 18 जून (वार्ता): G7 शिखर सम्मेलन के दौरान जहां वैश्विक नेता महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि “रूस को G7 से बाहर करना एक बड़ी गलती थी” और उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को लेकर भी एक झूठा दावा किया है। ट्रंप के ये बयान वैश्विक मंच पर राजनीतिक हलचल पैदा कर रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि G7 (पहले G8) से रूस को बाहर करना एक रणनीतिक भूल थी, जिससे समूह की प्रभावशीलता कम हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि रूस को समूह में वापस लाना चाहिए ताकि वैश्विक मुद्दों पर बेहतर संवाद और समाधान हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को लेकर एक अपुष्ट दावा भी किया, जिसका उद्देश्य संभवतः उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना था। हालांकि, ट्रूडो के कार्यालय या कनाडा सरकार की ओर से इस दावे पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप के इस तरह के बयान अक्सर ध्यान आकर्षित करते हैं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नया मोड़ देने की क्षमता रखते हैं, भले ही वे तथ्यों पर आधारित न हों। उनके आलोचक इसे सनसनीखेज बयानबाजी और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास मानते हैं।
