भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने ग्वालियर और इंदौर जिलों में वाहन किराये पर लेकर उन्हें अवैध रूप से तीसरे पक्ष के पास गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 10 दिनों में पुलिस ने समन्वित अभियानों के तहत 54 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत 6.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
ग्वालियर में क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया, जो स्वयं को निजी कंपनी का मैनेजर बताकर ट्रैवल्स संचालकों से कई वाहन किराये पर लेता था। आरोपी फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए इन वाहनों को अन्य लोगों के पास गिरवी रखकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के 15 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं।
इंदौर में अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने बड़े पैमाने पर चल रहे वाहन धोखाधड़ी के रैकेट का पर्दाफाश किया। आरोपी वाहन मालिकों से 11 माह के लिखित एग्रीमेंट पर कारें किराये पर लेता था और शुरुआत के दो-तीन महीने किराया देने के बाद वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख देता था। इसके बाद वह कारों में लगे जीपीएस सिस्टम निकालकर किराया देना बंद कर देता था। जांच में सामने आया कि 40 से अधिक वाहन मालिक इस ठगी का शिकार हुए थे। आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी जानकारी पर 39 चार पहिया वाहन, जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है, जब्त किए गए।
इन संयुक्त कार्रवाइयों से संगठित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है और बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिली है, जिससे वित्तीय अपराधों के प्रति पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्यप्रणाली स्पष्ट होती है।
