
भोपाल। नगर निगम के सफाई कर्मी बृज नाहर की डेढ़ माह पहले पानी में डूबने से मौत हो गई थी, उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मृतक के पुत्र हर्ष नायर ने 16 दिसंबर को आवेदन किया था. पंजीयन शाखा के कर्मचारी द्वारा सही जानकारी नहीं देने से मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है. अभी तक वह मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पंजीयन शाखा के चक्कर लगा रहा है.
दुर्घटना में मृत्यु होने वाले का पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में होता है और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पंजीयन शाखा में पहुंचता है, तो उसे हमीदिया अस्पताल से बनाये जाने के लिए कहा जाता है. पीड़ित वहां अस्पताल में भटकता रहता है. वहां से वापस नगर निगम भेज दिया जाता है.
हर बार एक नये दस्तावेज की मांग
आवेदक से पोस्ट मार्टम रिपोर्ट, थाने की एफआईआर, पार्षद का पंचनामा, शमशान घाट की पर्ची सहित अन्य दस्तावेज की मांग करते हैं. इन दस्तावेजों की जानकारी पंजीयन शाखा के द्वारा आवेदक को एक बार में नहीं दी जाती है.
जबकि मृतक के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र की जरुरत संपत्ति, बीमा, अनुकंपा नियुक्ति, आर्थिक सहायता में पड़ती है. इसके लिए उसे यह कार्य करवाने की जल्द आवश्यकता होती है.
इनका कहना है
मैं डेढ़ महीने से पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पंजीयन शाखा के चक्कर लगा रहा हूं. हर बार कोई दस्तावेज लाने के लिए परेशान कर रहे हैं.
हर्ष नाहर, मृतक का पुत्र, रेन बसेरा नेहरू नगर
मैरी जानकारी में नहीं है. आपने मेरे संज्ञान में लाया है, तत्काल दिखवाकर निदान करवाऊंगा.
वरुण अवस्थी, अतिरिक्त कमिश्नर, नगर निगम भोपाल
