नयी दिल्ली, 02 फरवरी (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन के मामले में भारत पेपर्स लिमिटेड (बीपीएल) और उसके निदेशकों तथा उससे संबद्ध व्यक्तियों अनिल कुमार, परवीन कुमार, बलजिंदर कुमार, राजिंदर कुमार और अनिल कश्यप के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। ईडी ने सोमवार को यह जानकारी दी ।
यह आरोप पत्र 30 जनवरी को जम्मू में धन-शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में दायर किया गया था। ईडी ने लगभग 200 करोड़ रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी से संबंधित एक प्राथमिकी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और जम्मू के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के साथ मिलकर अपनी जांच शुरू की थी। भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में बैंकों के एक ‘कंसोर्टियम’ ने भी जांच में एजेंसी को सहयोग दिया था।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर धोखाधड़ी से बैंक से ऋण प्राप्त किया और उसका उपयोग स्वीकृत उद्देश्य के बजाय कहीं और कर दिया गया। इसमें फर्जी संस्थाओं के माध्यम से धन भेजना और नकद निकासी करना शामिल था।
इसके अतिरिक्त आरोपियों ने कंसोर्टियम बैंकों के बाहर बैंक खाते खोलकर उन्हें संचालित किया। उन्होंने फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन का लेन-देन किया और फर्जी चालान के माध्यम से फैक्ट्री परिसर से मशीनरी के पुर्जों को चोरी-छिपे हटाया और बेचा। इसके अलावा 2010-11 से 2012-13 के वित्तीय वर्षों के दौरान बैलेंस शीट में स्टॉक को गलत तरीके से दिखाकर खातों में हेरफेर की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि इस समूह ने धन का हेर-फेर करने के लिए मैसर्स डीईई ईएसएस इंजीनियर्स, मैसर्स त्रिवेणी इंजीनियर्स, मैसर्स एरो स्कैफटेक प्राइवेट लिमिटेड, आर एस इंडस्ट्रीज, एरो एंटरप्राइजेज, सुका मोल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, काहलों ऑटो इंडस्ट्रीज और रीजेंट फैब्रिकेशंस जैसी फर्जी संस्थाओं का उपयोग किया।
इससे पहले ईडी ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए थे। इसके अतिरिक्त 30 लाख रुपये से अधिक की नकदी और लगभग 600 ग्राम सोना भी जब्त किया गया था। जांच के दौरान मैसर्स भारत पेपर्स लिमिटेड के निदेशकों में से एक अनिल कुमार को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार भी किया गया था।
ईडी की जांच में पता चला कि अपराध की कमाई को अचल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए इस्तेमाल किया गया था। ईडी ने 66.77 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इनमें जिला कठुआ में औद्योगिक भूमि और लुधियाना के मॉडल टाउन में दो आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।
