नयी दिल्ली, 02 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की लिखी कुछ बातें लोकसभा में बोलना चाहते थे लेकिन इससे सरकार डर रही है और उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। श्री गांधी ने यहां संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा “मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। मुझे सिर्फ 2-3 लाइनें बोलनी हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये पूर्व सेना प्रमुख के शब्द हैं। ये उनके रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत के अंश हैं। मैं सदन में कहना चाहता हूं कि पूर्व सेना प्रमुख ने क्या लिखा है और श्री राजनाथ सिंह और श्री मोदी ने उन्हें तब क्या आदेश दिये थे। मैं यही बात संसद में कहना चाहता हूं लेकिन पता नहीं ये क्यों डरे हुए हैं।”
उन्होंने कहा “मैं संसद में बोलना चाहता हूं लेकिन पता नहीं ये क्यों डरे हुए हैं। प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने तब क्या कहा था वही सच इसमें है। देश के नेता को निर्णय लेने से भागना नहीं चाहिए और इस स्थिति में निर्णय सेना या अन्य पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।” कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसी मुद्दे पर संसद भवन परिसर में मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा “वे एक लाइन से डरते हैं। इसमें एक लाइन है जिससे पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों डर रहे हैं।”

