सतना: यूजीसी के नए प्रावधानों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भले ही फौरी तौर पर रोक लगा दी गई हो, लेकिन इसके विरोध का आक्रोश थामने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में यूजीसी नियम वापस लेने की मांग को लेकर सर्व समाज द्वारा रविवार को बंद का आह्वान किया गया। शहर में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला। दोपहर के समय आंदोलनकारियों ने शहर के मुख्य बाजार क्षेत्रों में पहुंचकर दुकानों को बंद कराया। बंद के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने पन्नीलाल चौक, बिहारी चौक, स्टेशन रोड और आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों में रैली निकाली। उन्होंने व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। इस दौरान कई स्थानों पर दुकानदारों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखीं, जबकि कुछ क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां भी जारी रहीं। बंद के कारण बाजार में आवाजाही और खरीदारी पर आंशिक असर देखा गया। वहीं प्रशासन की ओर से बंद के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। कुल मिलाकर, बंद का असर शहर में आंशिक रूप से सफल रहा, जबकि कई इलाकों में सामान्य जनजीवन चलता रहा।
सतर्क रही पुलिस
स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल को प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया था। पुलिस टीम लगातार गश्त करती रही और आंदोलनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
व्यापक आंदोलन की चेतावनी
आंदोलन में शामिल लोगों ने यूजीसी से संबंधित प्रावधानों को वापस लेने की मांग दोहराई। उन्होंने इसे आम लोगों तथा शिक्षा व्यवस्था के हित में बताया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगे और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
