सतना: नगर निगम की जल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर में स्कॉडा सिस्टम लगे होने के बावजूद बीते एक सप्ताह से कई इलाकों में दूषित और बदबूदार पानी की सप्लाई की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे नागरिकों में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल है। सबसे गंभीर स्थिति वार्ड क्रमांक ४३, ४४ और ४५ के टिकुरिया टोला क्षेत्र में बनी हुई है, जहां रहवासी बदबूदार और गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में तेज दुर्गंध के साथ गंदगी भी साफ नजर आती है। पार्षदों और नगर निगम कार्यालय में बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
इसी तरह राजेंद्रनगर के कुछ हिस्सों में भी दूषित पेयजल की सप्लाई जारी है। कृष्णनगर, जीवनज्योति कॉलोनी और कंवरराम क्षेत्र में पिछले लगभग १५ दिनों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे नागरिकों में आक्रोश है।वहीं हनुमान नगर नई बस्ती के वार्ड क्रमांक १५, १६, १७ और १८ में पिछले तीन दिनों से बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है। दूषित पानी के कारण नागरिकों में जलजनित बीमारियों के फैलने का भय भी बढ़ गया है। लोग बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं।शिकायतों के बढऩे के बाद नगर निगम के सहायक यंत्री रोजल प्रताप सिंह जांच दल के साथ फिल्टर प्लांट पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फिल्टर प्लांट से निकलने वाले पानी को पूरी तरह स्वच्छ बताया।
दावा कितना सच..?
यदि नगर निगम द्वारा स्वच्छ पेयजल वितरित करने का दावा किया जा रहा है तो क्या जनता झूठी है? इस तरह के जबाव सवाल नगर निगम परिसर में आए दिन होते रहते हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी अपने कमियों पर पर्दा डालने से पीछे नहीं रहते हैं। नगर निगम अधिकारियों का प्रारंभिक अनुमान है कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई होगी, जिससे गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। निगम अधिकारियों ने मामले की गहन जांच कर जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।
