सतना : नगर निगम द्वारा खरीदी गईं 25 और 60 वाट की स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता को लेकर साल भर से अधिक समय से गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं बल्कि दो दिन पहले हुए परिषदीय सम्मिलन में भी यह मामला जोर-शोर से उठा. यहां तक कि महापौर द्वारा भी गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए समिति गठित कर जांच कराए जाने की बात कही गई. लेकिन इतना सब कुछ होने के बावजूद भी महापौर के स्पष्ट निर्देशों को ताक पर रखते हुए गुणवत्ता परीक्षण समिति में बाहर के इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियंस को सम्मिलित नहीं किया गया.
शुक्रवार को नगर निगम के कार्यपालन यंत्री अरुण तिवारी के कार्यालय से एक पत्र जारी हुआ. जिसमें 4 सदस्यीय समिति गठित कर दी गई. जिसमें वार्ड क्र. 26 के पार्षद आरस सतना स्मार्ट सिटी के डायरेक्टर महेंद्र पाण्डेय, वार्ड 20 के पार्षद और इस मुद्दे के व्हिसिल ब्लोअर मनीष टेकवानी, सहायक यंत्री मुकेश चतुर्वेदी व उपयंत्री नीलेश यादव को शामिल किया गया है.
स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता परीक्षण के लिए बनाई गई उक्त समिति की पहली बैठक 10 जून को ननि कार्यालय में होगी. लेकिन इस समिति के गठन की जानकारी सामने आने पर पार्षदों द्वारा गंभीर आपत्ति जताई जाने लगी है. पार्षदों का कहना है कि गठित समिति का प्रारुप कुछ ऐसा है जैसे किसी कोतवाल की कार्यशैली की जांच की जिम्मेदारी उसी थाने के प्रधान आरक्षक और आरक्षक को सौंप दी जाए.
जाहिर है कि इस तरह की जांच के जरिए स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता का क्या ही परीक्षण हो पाएगा..? वहीं जांच को लेकर ननि के अधिकारियों की लचर कार्यशैली देख पार्षद मनीष टेकवानी द्वारा कमर कसते हुए क्राम्पटन ग्रीव्स इंडिया कंपनी को ई-मेल भेजकर जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है. इधर महापौर ने जिम्मेदार अधिकारी को शो-कॉज नोटिस देकर जवाब मांगा मांगने का निर्देश दिया है.
