छतरपुर। जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के दौरान फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि अलग-अलग क्षेत्रों में सैकड़ों मतदाताओं के नाम पर फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई गईं, जिनका उद्देश्य मताधिकार को प्रभावित करना था।
छतरपुर शहर के वार्ड-8 में दर्ज 32 आपत्तियों की जांच के दौरान पाया गया कि आपत्ति दर्ज कराने वालों के पते टीकमगढ़ और मोबाइल नंबर गुना जिले के थे। बीएलओ द्वारा किए गए सर्वे में सभी 32 मतदाता वार्ड में निवासरत पाए गए। जहरून निशा के नाम पर टीकमगढ़ निवासी मीरा कुशवाहा द्वारा आपत्ति दर्ज होने का उल्लेख मिला, जबकि मीरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी कोई आपत्ति नहीं लगाई। इसी तरह रिजवाना खातून के नाम पर गणेशा कुशवाहा द्वारा आपत्ति दर्ज की गई, जबकि मतदाता वास्तविक रूप से वार्ड में मौजूद थे। फॉर्म-7 में इन्हें जानबूझकर अनुपस्थित दर्शाया गया।
पनागर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज 125 आपत्तियों में अधिकांश मतदाता अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित पाए गए। इन आपत्तियों में मतदाताओं को गैर-भारतीय नागरिक बताया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कभी ऐसी आपत्तियां नहीं दीं। गांव के निजी स्कूल संचालक उमाशंकर चौरसिया के नाम से फॉर्म-7 भरे जाने का मामला भी सामने आया, जबकि उन्होंने इससे इनकार किया।
भारतपुरा गांव में 450 से अधिक मतदाताओं के नाम पर फर्जी आपत्तियां दर्ज होने की बात सामने आई है। आपत्तिकर्ताओं के रूप में दर्ज नामों ने शपथ पत्र देकर इन आपत्तियों से इंकार किया है। इसके अलावा बिजावर नगरीय क्षेत्र, उदयपुरा और अमरपुरा सहित अन्य गांवों में भी इसी तरह की शिकायतें मिली हैं।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और फर्जी आपत्तियों को निरस्त करने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
