सतना: केन्द्रीय जेल में राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि पर मद्य निषेध संकल्प दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बंदियों ने नुक्कड़ नाटक आयोजित किया। जिसकी सभी ने सराहना की। पार्थशंकर मिश्रा वरिष्ठ न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतना के मुख्य आतिथ्य, मोहम्मद जीलानी विधिक सहायता अधिकारी, श्रीमती लीना कोष्टा जेल अधीक्षक, सोनवीर सिंह कुशवाह जेल उपअधीक्षक, अनिरूद्ध कुमार तिवारी कल्याण अधिकारी, फिरोजा खातून सहायक जेल अधीक्षक (अष्टकोण अधिकारी) की उपस्थिति में बंदियों के मध्य इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम महात्मा गाँधी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बंदियों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों से अवगत करा नशा छोड़ने के लिये प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बंदियों ने गीत-संगीत के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को बताकर नशे से दूर रहने के लिये प्रेरित किया। बंदियों ने एक नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किया जिसमें पान, तम्बाकू, सिगरेट, शराब, गांजा, ड्रग्स इत्यादि नशे के दुष्प्रभावों का मंचन किया व दूर रहने की प्रेरणा दी।
न्यायाधीश पार्थशंकर मिश्रा बंदियों के इस नाट्यकला से काफी प्रभावित हुये व उनकी काफी सराहना व प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होने सभी बंदियों से आह्वान किया कि नशे से स्वयं हमेशा दूर रहो व परिवार समाज के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिये प्रेरित करो।
नशा व्यक्ति के मन, शरीर, सम्मान, खुशी का विनाशक है। साथ ही आर्थिक रूप से भी कमजोर करने वाला है। सोनबीर सिंह कुशवाह जेल उप अधीक्षक द्वारा सभी को नशे से दूर रहने के लिये शपथ दिलाकर शपथ पत्र-व संकल्प पत्र भरवाये गये। न्यायाधीश द्वारा बंदियों की विधिक सम्बंधी समस्याओं का भी निराकरण किया गया।जेल अधीक्षक श्रीमती लीना कोष्टा द्वारा बंदियों को समझाया गया कि नशा, नाश की जड़ है, इससे हमेशा दूर रहो। जेल अधीक्षक द्वारा न्यायाधीश व विधिक सहायता अधिकारी का इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये आभार व्यक्त किया।
