नई शिक्षा नीति: उच्च शिक्षा में 2197 पदों पर भर्ती, हर जिले को मिला उत्कृष्ट कॉलेज

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को ज़मीन पर उतारने के लिए उच्च शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने में जुटी है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि इसी दिशा में उच्च शिक्षा विभाग में 2197 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।

डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री परमार ने अपने विभागों की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि इससे पहले वर्ष 2022 में राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से 2053 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिली है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को मौजूदा 28.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक महाविद्यालय को ‘प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया गया है। कुल 55 कॉलेजों के उन्नयन के लिए 336 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है और 1845 नए पद भी सृजित किए गए हैं।

रोजगार सृजन को शिक्षा से जोड़ने पर जोर देते हुए मंत्री परमार ने बताया कि स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत 378 रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनके माध्यम से 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

पत्रकार वार्ता में प्रमुख सचिव आयुष अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा डी.पी. आहूजा, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, आयुक्त आयुष उमा आर. माहेश्वरी तथा आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा भी उपस्थित रहे।

 

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