
ग्वालियर। यूजीसी बिल 2025 का उच्चतम न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद सामान्य वर्ग के आंदोलनात्मक तेवर कम नहीं हुए हैं। आज शुक्रवार को सवर्ण समाज ने रैली के रूप में जाकर यूजीसी बिल के विरोध में जिलाधीश को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में माँग की गई है कि सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य को मुश्किल में डालने वाले इस बिल को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा सामाजिक समरसता कायम की जाए।
ज्ञापन देने के लिए सामान्य वर्ग के लोगों का हुजूम अलकापुरी तिराहे पर एकत्रित हुआ, जहाँ से प्रशासन की मुस्तैद एवं चाक चैबंद व्यवस्था में एक रैली का रूप धारण कर यह जनसमूह जिलाधीश कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ अधिकारियों ने इस जनसमूह का नेतृत्व कर रहे नेतृत्व कारी लोगों से ज्ञापन लिया। ज्ञापन रैली का नेतृत्व अधिवक्ता अनिल मिश्रा, रक्षक मोर्चा के अमित दुबे, सुरेंद्र सिंह तोमर, राम कुमार सिकरवार, शशीकांत भटनागर, रामवरन शास्त्री, जनवेद तोमर, अनुराग, क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष विष्णु प्रताप सिंह भदौरिया, क्षत्रिय महासभा युवा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया कांच मिल, धर्मेंद्र राजावत, गिर्राज सिंह गुर्जर, छोटू कुशवाह, गजेंद्र मिश्रा, सौरभ दुबे, भरत सिंह सोलंकी, सोनू चौहान, एडवोकेट मोहित ऋषिश्वर, दिलीप तपा, रामनारायण मिश्रा, अशोक सक्सेना, अरविंद शुक्ला, हरिदास अग्रवाल, महेंद्र सिंह तोमर आदि ने किया। यहां बता दें कि 29 जनवरी को उच्चतम न्यायालय में यूजीसी बिल 2025 के प्रभावी होने पर अस्थाई रोक लगाते हुए इस मामले पर स्थगन का आदेश जारी किया है तथा आगामी 19 फरवरी को मामले की अगली सुनवाई की तिथि नियत है।
