
ग्वालियर। ग्वालियर स्टेशन की प्लेटफार्म पर घिसट रहे पैसेंजर को जरा भी अंदाजा नहीं था कि चलती ट्रेन में बैठने की चाह उसकी जान भी ले सकती है. पैसेंजर ट्रेन में चढ़ने-चढ़ते फिसल गया. ट्रेन चल रही थी और वो घिसटता जा रहा था. यात्री ने ट्रेन पकड़ रखी थी, जिससे आरक्षक दौड़कर उसकी जान बचाने में सफल हो गया.
यात्री की जान भी जा सकती थी अगर फ्लेटफार्म पर तैनात प्रधान आरक्षक निर्णय लेने में जरा भी चूक जाता, लेकिन बहादुरी के मिसाल बने प्रधान आरक्षक हैरतअंगेज नजारा देख तुरंत यात्री को बचाने के लिए दौड़ पड़े, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई.
पैसेंजर ट्रेन में चढ़ने-चढ़ते फिसल गया. ट्रेन चल रही थी और वो घिसटता जा रहा था. यात्री ने ट्रेन पकड़ रखी थी, जिससे आरक्षक दौड़कर उसकी जान बचाने में सफल हो गया.
रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को चलती पातालकोट एक्सप्रेस पर सवार होने के लिए पैसेंजर ने खतरनाक स्टंट किया था. यात्री पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में सवार नहीं हो पाया था और ट्रेन में दौड़कर चढ़ने का प्रयास कर रहा था. ट्रेन की रफ्तार तेज थी, जैसे ही यात्री ने ट्रेन पर पैर रखा उसका बैलेंस बिगड़ गया. चश्मदीद बताते हैं कि गनीमत थी कि यात्री के हाथ में गेट आ गया था वरना पैसेंजर के साथ बड़ी अनहोनी होनी तय थी.
चश्मदीदों के मुताबिक प्रधान आरक्षक धीर सिंह ने यात्री को प्लेटफार्म पर घिसटता देखा तो पैसेंजर को बचाने के लिए बिना समय गंवाए ट्रेन के पीछे दौड़ पड़े और अंततः यात्री की जान बचाने में कामयाब रहे. प्रधान आरक्षक की टाइमिंग ने यात्री को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई.
घटना में बाल- बाल बचे यात्री के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन जिंदा बच गया, पैसेंजर प्रधान आरक्षक को मन ही मन जरूर शुक्रिया कह रहा होगा.
मामला ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 का है, जब प्लेटफार्म पर रूकने से पहले यात्री पातालकोट एक्सप्रेस में चढ़ने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हो गया. हादसा बड़ा हो सकता था, लेकिन प्रधान आरपीएफ आरक्षक की सूझबूझ और बहादुरी से उसकी जान बच गई वरना यात्री का घिसटते हुए रेलवे ट्रैक पर गिरना लगभग तय था और उसकी मौत भी हो सकती थी.
