

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किशोर कुमार के प्रसिद्ध गीत ज़िंदगी एक सफर है सुहाना… गाकर दो दिवसीय राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह का आगाज किया और महान गायक-अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार केवल गायक नहीं थे, बल्कि वे गीतों को जीते थे। उनका मस्ती भरा अंदाज और हरफनमौला प्रतिभा उन्हें विशेष बनाती थी। उनकी स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार हर वर्ष दो दिवसीय समारोह आयोजित करेगी।
कार्यक्रम में खंडवा में आयोजित इस समारोह में प्रख्यात गीतकार प्रसून जोशी को राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रसून जोशी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी लेखनी से जादू बिखेरा और उनके रचे विज्ञापन जिंगल्स भी बहुत लोकप्रिय हुए।
मुख्यमंत्री ने खंडवा की विशेषता पर भी प्रकाश डाला, जो किशोर कुमार की जन्मभूमि होने के साथ-साथ दादा माखनलाल चतुर्वेदी की कर्मभूमि और ओंकारेश्वर धाम की पावन भूमि भी है। उन्होंने किशोर कुमार के कॉलेज जीवन, फिल्मों में उनके अभिनय और गायन के अंदाज़, फक्कड़ स्वभाव और उनके बड़े भाई अशोक कुमार के साथ घनिष्ठ संबंध का भी जिक्र किया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रसून जोशी ने कहा कि किशोर कुमार की हंसी हमेशा गूंजती रहेगी। उन्होंने गीतकारों के शब्दों को जीवंत किया और आशा तथा उम्मीद की आवाज बने। इस मौके पर जोशी ने किशोर कुमार का अमर गीत आ चल के तुझे मैं ले के चलूं…गाकर सबको भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक नारायण पटेल, महापौर अमृता यादव, प्रसून जोशी की पत्नी अर्पणा जोशी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आशीष दवे ने किया और संस्कृति विभाग के एन.पी. नामदेव ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।
