नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पेंगुइन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग निहिलिस्ट पेंगुइन नाम दे रहे हैं। वीडियो में एक पेंगुइन अपने झुंड से अलग होकर बर्फीले इलाके में पहाड़ों की ओर अकेले चलता दिखाई देता है। यह दृश्य इंटरनेट यूजर्स को भावुक कर रहा है और इसे अकेलेपन, निराशा और जीवन के संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह वीडियो कोई हालिया घटना नहीं है, बल्कि वर्ष 2007 में बनी प्रसिद्ध डॉक्यूमेंट्री Encounters at the End of the World का एक दृश्य है। हाल ही में इसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर भावनात्मक संगीत और कैप्शन के साथ साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
वैज्ञानिकों का मानना है कि पेंगुइन का इस तरह झुंड से अलग हो जाना किसी बीमारी, भ्रम या दिशा-भ्रम का परिणाम हो सकता है। विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसे मानवीय भावनाओं या आत्मघाती प्रवृत्ति से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर यह वीडियो एक प्रतीक के रूप में उभरा है, जहां लोग इसे अपने मानसिक संघर्ष, थकान और जीवन की कठिनाइयों से जोड़कर देख रहे हैं। यही कारण है कि यह पेंगुइन वीडियो आज इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
