
जबलपुर। अतीत का सम्मान, वर्तमान का उत्सव और भविष्य के लिए सतत परिश्रम ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। उक्त बातें संत अलॉयसियस महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्डिनल फिलिप नेरी फराओ ने कही। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. वलन अरासू ने कहा कि सफलता का सही मापदंड समाज पर पड़ने वाला सकारात्मक प्रभाव है। उन्होंने विद्यार्थियों से साहस, दयालुता और विविधता के सम्मान को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। अवसर था संत अलॉयसियस महाविद्यालय
सत्र 2023–24 के पदक वितरण समारोह का, जहां का परिसर आज गर्व, उत्साह और उपलब्धियों के उल्लास से सराबोर नजर आया। समारोह में महाविद्यालय के 75 वर्ष पूर्ण होने पर हीरक जयंती वर्ष की औपचारिक घोषणा भी की गई।
44 स्वर्ण पदक और 33 प्रमाणपत्र वितरित
इस भव्य समारोह में 44 स्वर्ण पदक और 33 प्रमाणपत्र वितरित किए गए। विशेष आकर्षण रहीं बीएससी बायो समूह की छात्रा सुरभि साह, जिन्होंने तीन स्वर्ण पदक प्राप्त कर सर्वाधिक सम्मान अपने नाम किया। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में पीटर रुमाल खराडी, जेराल्ड अल्मेडा एवं डॉ. फा. डेविस जॉर्ज रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फा. जे. बेन एंटोन रोज ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
चार पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, नवाचार और तकनीक पर आधारित चार पुस्तकों का विमोचन भी किया गया, जिसने अकादमिक वातावरण को और समृद्ध किया। मंच संचालन सधे हुए अंदाज़ में किया गया और आयोजन पूरी तरह अनुशासित व गरिमामयी रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप-प्राचार्य डॉ. कल्लोल दास, डॉ. नीलांजना पाठक, डॉ. रुपाली अहलूवालिया, डॉ. निशा पांडेय, डॉ. रीता चौहान, डॉ. रश्मि पतरस एवं डॉ. प्रियंका सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जबकि मंच संचालन आदित्य जैन एवं सुश्री जुनैरा हक ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सुश्री अनुष्का सोनी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
