
जबलपुर। दमोह नोहटा में स्थित पान मसाला व तम्बाकू प्रोडक्ट की सील फैक्ट्री को खोलने के एवज में कारोबारी से रिश्वत लेने वाला सीजीएसटी जबलपुर का तत्कालीन अधीक्षक धनकुबेर निकला है। लंबी जांच पड़ताल, दस्तावेजों की छानबीन के बाद सीबीआई जबलपुर ने रिश्वतखोर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपित की 96, 91, 390 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई जो आय के स्रोत से 155.93 प्रतिशत अधिक है।
विदित हो कि 13 जून 2023 में वस्तु एवं सेवा कर विभाग के पांच अफसरों को जबलपुर सीबीआई ने सात लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। सीबीआई ने अधीक्षक कपिल कांबले और अधीक्षक सोमेन गोस्वामी समेत इंस्पेक्टर प्रदीप हजारी, विकास गुप्ता और वीरेंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले की विस्तृत जांच के बाद अब आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज किया गया है।
क्या है मामला
विदित हो कि दमोह नोहटा में स्थित पान मसाला व तम्बाकू प्रोडक्ट की फैक्ट्री में सीजीएसटी जबलपुर के अफसरों ने जीएसटी चोरी के आरोप मेें 18 मई 2023 को छापेमारी करते हुए उसे सील कर दिया था। फैक्ट्री को खोलने के एवज में कारोबारी से रिश्वत की मांग की थी। किसी को संदेह न हो इसलिए फर्म पर दस लाख 68 हजार रुपये की जीएसटी चोरी का चालान भी काटा था। इसके बाद 35 लाख रुपये अलग से रिश्वत मांगी गई थी। कारोबारी ने पांच जून को रिश्वत के 25 लाख रुपये देने के साथ ही फर्म मालिक ने चालान की राशि भी जमा की थी बाकी की रकम न मिलने पर फर्म संचालक को मशीने कुर्क करने की धमकी दी जा रही थी। 25 लाख रुपये लेने के बाद भी 7 लाख रुपये के लिए अड़े थे। जिसके बाद मामले की शिकायत सीबीआई से की गई थी । कारोबारी के मैनेजर की शिकायत पर सीबीआइ ने 13 जून को ट्रैप की कार्रवाई कर अधीक्षक समेत पांच अफसरों को गिरफ्तार किया था।
जब्त दस्तावेजों की जांच में उजागर हुई संपत्ति-
ट्रैप कार्रवाई दौरान सीबीआई जबलपुर ने तत्कालीन अधीक्षक सोमेन गोस्वामी, सीजीएसटी एवं उत्पाद शुल्क, निवारक शाखा, मुख्यालय जबलपुर के आवासीय परिसर में भी छापा मारा था। इस दौरान सर्चिंग के दौरान विभिन्न दस्तावेज जब्त किए गए। सूत्रों के मुताबिक जब्त दस्तावेजों की जांच से सीबीआई को पता चला कि सोमेन गोस्वामी ने 1 अप्रैल 2015 से 13 जून 2023 की अवधि के दौरान अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर भारी संपत्ति अर्जित की थी। इस दौरान अवैध रूप से धन अर्जित किया। सोमन के पास 96,91,390 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोत से 155.93 प्रतिशत अधिक है।
