नयी दिल्ली, 25 फरवरी (वार्ता) भारत ने 25 से 27 फरवरी के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प 1540 और एशिया-प्रशांत राज्यों के लिए रणनीतिक व्यापार नियंत्रण पर पहली बार क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया है।
विदेश मंत्रालय ने आज यहां बताया कि भारत सरकार, निरस्त्रीकरण मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीए) के साथ साझीदारी में, 25-27 फरवरी 2025 तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प 1540 और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के लिए रणनीतिक व्यापार नियंत्रण पर अपनी तरह का पहला क्षमता निर्माण कार्यक्रम राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी, पलासमुद्रम में आयोजित कर रही है। क्षेत्र के 8 देशों बंगलादेश, कंबोडिया, इंडोनेशिया, इराक, लाओस, मालदीव, श्रीलंका और थाईलैंड के 24 सरकारी विशेषज्ञ इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1540 समिति और यूएनओडीए के वक्ता और विशेषज्ञ, देश के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड, राष्ट्रीय प्राधिकरण रासायनिक हथियार सम्मेलन, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विदेश व्यापार और निरस्त्रीकरण महानिदेशालय और विदेश मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रभाग और भारतीय उद्योग, यूएनएससी संकल्प 1540 और रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के प्रासंगिक पहलुओं पर अपने कार्यान्वयन अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेंगे।
यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम अप्रसार पर भारत की मजबूत साख की पुष्टि का परिचायक है और अंतर्राष्ट्रीय अप्रसार प्रणाली में भारत के योगदान को दर्शाता है।
