नयी दिल्ली 29 जनवरी (वार्ता) दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को “यूथ फॉर गवर्नेंस (वाईएफजी)” पहल का शुभारंभ किया।जनकपुरी विधायक श्री सूद ने आज वाईएफजी पहल का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण से प्रेरित है जिसमें उन्होंने गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से एक लाख युवाओं को सरकार से जोड़ने का आह्वान किया है, ताकि भाई-भतीजावाद जैसी प्रवृत्तियों को समाप्त किया जा सके।
श्री सूद ने कहा कि इस पहल की नींव देश में उभर रही उस व्यापक वैचारिक परिवर्तन पर आधारित है, जिसमें शासन को ‘सत्ता’ नहीं बल्कि ‘सेवा’ के रूप में देखा जा रहा है।उन्होंने कहा, “देश की सोच में एक बड़ा परिवर्तन हो रहा है। हम ‘राज’ की औपनिवेशिक मानसिकता से निकलकर ‘कर्तव्य’ की भावना की ओर बढ़ रहे हैं। चाहे मुख्यमंत्री निवास को ‘जन सेवा सदन’ कहना हो या प्रधानमंत्री आवास की नई परिकल्पना। संदेश स्पष्ट है कि विधायक या मंत्री का कार्यालय केवल और केवल सेवा के लिए होता है, ताकि नागरिक और सरकार के बीच की दूरी कम हो सके।”
उन्होंने कहा कि जनकपुरी के लिए ‘स्पेशल 12’ में 350 से अधिक आवेदकों में से कठिन चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए 12 उत्कृष्ट युवाओं को ‘बैच ज़ीरो’ के रूप में शामिल किया गया है। इस समूह में चिकित्सक और कानून के छात्र शामिल हैं, जो आगामी तीन महीनों तक जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख शहरी समस्याओं पर कार्य करेंगे। इनमें पंखा रोड पर स्वच्छता ऑडिट, अंधेरे क्षेत्रों की पहचान कर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था जैसे जमीनी कार्य शामिल हैं।
श्री सूद ने चयनित प्रतिभागियों को ‘रील लाइफ’ और ‘रियल लाइफ’ के अंतर को समझने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया संवाद का माध्यम हो सकता है, लेकिन वास्तविक बदलाव ज़मीन पर होता है। उन्होंने कहा की यह बदलाव केवल देखने का नहीं है बल्कि यह प्रभाव और समाधान की दर का कार्यक्रम है। आपकी जिम्मेदारी है कि हर नागरिक को यह एहसास हो कि ‘सरकार सुन रही है’। उन्होंने बताया कि यूथ फॉर गवर्नेंस जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र में 12 सप्ताह की एक गहन फेलोशिप है, जिसका उद्देश्य सुव्यवस्थित सूचना को संकलित करना और समस्या के समाधान के माध्यम से शासन को अधिक प्रभावी बनाना है। यह पहल एक सशक्त जनकपुरी और समृद्ध दिल्ली के निर्माण में युवाओं की भागीदारी का एक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत करती है।

