
छतरपुर। शहर के ऑडिटोरियम में उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विरासत कला उत्सव का शुभारंभ सांस्कृतिक उल्लास के साथ हुआ। पहले दिन का कार्यक्रम पद्मश्री से सम्मानित लोकगायक और कबीरपंथी संत प्रहलाद सिंह टिपानिया के नाम रहा, जिनके कबीर गायन ने श्रोताओं को गहरी भावनात्मक अनुभूति से भर दिया। निर्गुण भजनों की प्रस्तुति के दौरान पूरा सभागार कबीर की वाणी से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, सीएमओ माधुरी शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपानिया ने मालवी लोकधुनों के साथ खड़ताल, मंजीरा, ढोलक और हारमोनियम जैसे वाद्ययंत्रों के माध्यम से कबीर के संदेश को प्रस्तुत किया। उनका गायन केवल संगीत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मचिंतन और मानवता का संदेश भी है।
देश-विदेश में कबीर की वाणी को पहुंचाने वाले टिपानिया की प्रस्तुति ने विरासत कला उत्सव को एक मजबूत और आध्यात्मिक शुरुआत दी। आयोजन के आगामी दिनों में भी विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।
