सीहोर। एक महिला के घर में घुसकर जातिसूचक गांलियां देने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी प्रदीप चौरसिया को विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है. मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक नारायण सिंह मेवाड़ा ने की. अभियोजन के अनुसार प्रदीप चौरसिया पिता छोटेलाल चौरसिया के खिलाफ पीडि़ता शिखापाल ठाकुर ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसमें राजीनामा के लिए आरोपी उस पर दबाव बना रहा था. मामले में जमानत मिलने के बाद आरोपी प्रदीप 3 जनवरी 2023 को रात घर में पहुंचा जातिसूचक गंदी गालियां देते हुए बोला कि तूने राजीनामा क्यों नहीं किया. जब पीडि़ता ने राजीनामा करने से मना कर दिया तो आरोपी प्रदीप डंडा लेकर दरवाजे को धक्का देकर घर में घुस गया और मारपीट की. पीडि़ता के सिर में गंभीर चोट आई. आरोपी ने धमकी दी कि यदि तूने राजीनामा नहीं किया तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा. किसी तरह पीडि़ता की चिल्लाचोट सुनकर पीडि़ता की बेटी आई तो आरोपी उसे धक्का देते हुए भाग गया. जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच पूर्ण कर चालान न्यायालय में पेश किया था. जहां विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी ने आरोपी प्रदीप चौरसिया को दोषी मानते हुए आजीवन करावास और 2500 रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया है.
