ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वे शुरू

उज्जैन: अचानक हुई प्राकृतिक आपदा को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रदेश भर के कलेक्टरों और संभाग आयुक्त से लेकर जिम्मेदारों को दिशा निर्देश दिए है कि किसानों की हर संभव मदद की जाए ,जहां ओलावृष्टि हुई है वहां सर्वे किया जाए और जरूरी मदद पहुंचाई जाए.उज्जैन जिले में मंगलवार रात आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर तत्काल सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है. कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर फसल नुकसान का आकलन कर रही हैं, ताकि किसी भी किसान को नुकसान न उठाना पड़े.

सीएम के निर्देश पर टीम बनाई
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी तहसीलदार, आरआई और पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसलों की वास्तविक स्थिति का सर्वे करें. प्रशासन की प्राथमिकता है कि ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उन्हें शीघ्र मुआवजा और शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाए.

अपर कलेक्टर ने संभाला मोर्चा
इसी क्रम में 28 जनवरी को करेड़ी और लालाखेड़ा सहित कई गांवों में फसल नुकसान का सर्वे किया गया. तराना विकासखंड के अंतर्गत अपर कलेक्टर शाश्वत शर्मा द्वारा ग्राम कोठरी और झुमकी में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान तहसीलदार, पटवारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे. इसके अलावा खाकरी ब्राह्मण, कोठली, झुमकी, बूंदखेड़ी, बड़ोदिया, जाफरपुर नेर, गुनाखेड़ी, पारसी और पाट गांवों में भी सघन सर्वे किया गया है.

फसल नुकसान का आकलन
कलेक्टर के निर्देशन में जिले के सभी संबंधित एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी लगातार ग्राम स्तर पर पहुंचकर फसल नुकसान का आकलन कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की राहत और मुआवजा प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी.

टोल फ्री नंबर जारी
उप संचालक कृषि ने जानकारी दी है कि जिन किसानों की फसल प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि या ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है, वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत इफकोटोकियो फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराएं. किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा ऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

यह दस्तावेज लाएं किसान
शिकायत दर्ज करते समय किसान अपने साथ आवश्यक दस्तावेज रखें, जिनमें फसल बीमा पॉलिसी नंबर, आधार कार्ड, सर्वे नंबर और केसीसी खाता नंबर शामिल हैं. प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि समय पर जानकारी देकर शासन की राहत और बीमा योजनाओं का पूरा लाभ लें.

विधायक ने लगाए आरोप, प्रशासन ने नकारे
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि तेज़ बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को पूरी तरह तबाह कर दिया. इस प्राकृतिक आपदा से टूटे विधानसभा तराना के ग्राम खेड़ा जमुनिया के किसान पंकज मालवीय ने आर्थिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली. यह सिर्फ़ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अपूरणीय नुकसान है. सरकार और प्रशासन से मांग है कि पीड़ित परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत पहुंचाई जाए. विधायक के आप पर पूजन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह से लेकर सभी अधिकारियों ने उक्त किसान के विषय में जानकारी निकलवाई पता चला कि पारिवारिक विवाद में उक्त किसान ने आत्महत्या की है, उसे भावांतर राशि भी प्राप्त हो चुकी है और उसकी फसल का नुकसान भी नहीं हुआ, ऐसे में उज्जैन जिला प्रशासन ने विधायक महेश परिवार के आरोप नकार दिए.

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