जबलपुर: ऋण चुकता न करने पर बैंक द्वारा अधिग्रहित की गई संपत्ति को बेचने का अनुबंध कर जालसाज ने लाखों रूपए की धोखाधड़ी कर दी। मामला माढ़ोताल थाना अंतर्गत ग्रीन सिटी स्थित फ्लैट का है। पुलिस ने रिपोर्ट पर आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है ।पुलिस के मुताबिक देवेन्द्र पटेल पिता स्व रामविसाल पटेल 44 वर्ष निवासी शांतिनगर दमोहनाका ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि महेश पटेल पिता कोमल प्रसाद पटेल 48 साल निवासी केशव नगर मानेगांव रांझी से उसकी जान पहचान थी।
महेश और उसके मध्य समदडिया ग्रीन सिटी के टावर नंबर 7 के द्वितीय तल पर स्थित फ्लैट नं. 713, रकवा 479 वर्गफुट को विक्रय करने का अनुबंध 13 लाख रूपए में हुआ था। 2,50,000 रूपए महेश प्रसाद पटेल ने बयाने के तौर पर प्राप्त किए थे। अनुबंध पत्र में महेश ने यह उल्लेख किया था कि उसने पंजीकृत विक्रय पत्र 8 सिमबर 2016 से सम्पत्ति खरीदी थी, जिसका वे एक मात्र मालिक है और विक्रय करने का अधिकार है।
अनुबंध में यह भी शर्त तय हुई थी कि इलाहाबाद बैंक में सम्पत्ति को बंधक मुक्त कराकर और विक्रय पत्र का निष्पादन उसके के पक्ष में कराएगा। अनुबंध पत्र के पालन में सम्पत्ति बंधनमुक्त कराने के लिए कुल 9,44, 500 की राशि महेश ने प्राप्त कर ली थी। कई बार विक्रय पत्र के निष्पादन का आग्रह किया परन्तु उसने नोटिस देने के बाद भी विक्रय पत्र का निष्पादन नहीं किया जब इलाहाबाद बैंक सिविल लाइन जबलपुर से संपर्क किया तो उसे पता चला कि बैंक की किश्त जमा नहीं होने के कारण अधिग्रहित सम्पत्ति को धोखाधड़ी कर बेचने का अनुबंध कर धोखाधड़ी की गई है।
