पंजिम/ नयी दिल्ली, 27 जनवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत अपने तेल और गैस क्षेत्र में निवेश को इस दशक के अंत तक 100 अरब डालर तक पहुंचाना चाहता है और इसके लिए भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है।
श्री मोदी ने गोवा में आयोजित ऊर्जा क्षेत्र पर भारत के वैश्विक सम्मेलन ‘इंडिया एनर्जी वीक’ का उद्घाटन करते हुए कहा, “ इस दशक के अंत तक हम ऑयल एंड गैस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक्सप्लोरेशन के दायरे को भी 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तार करने का है। इसी सोच के साथ हमारे यहां 170 से अधिक ब्लॉक को आवंटित किया जा चुका है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान-निकोबार का बेसिन भी हमारे खनिज तेल और गैस की आशा का अगला केंद्र बन रहा है।
श्री मोदी ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत ही कम समय में चर्चा और उस पर अमल का एक वैश्विक प्लेटफार्म बनकर उभरा है। आज तेल और गैस सेक्टर के लिए भारत बहुत बड़े अवसरों की धरती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है। इसके साथ ही देश में ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत दुनिया की मांग पूरी करने के लिए भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज हम दुनिया में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के टॉप 5 एक्सपोर्टर्स में से एक हैं। दुनिया के 150 से ज्यादा देशों तक हमारी एक्सपोर्ट कवरेज है, और भारत की ये क्षमता आपके बहुत काम आने वाली है। इसलिए एनर्जी वीक का यह प्लेटफार्म हमारी भागीदारी की खोज करने का बहुत ही उत्तम स्थान है।”
इस सम्मेलन में करीब 125 देश के ऊर्जा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और नीति नियामक भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को इस आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
