रायगढ़, 27 जनवरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में धान खरीदी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसानों द्वारा 23 जनवरी को शासन-प्रशासन को सौंपा गया लिखित आवेदन आखिरकार असर दिखाता नजर आया। किसानों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो मंगलवाार से धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूर्व सूचना प्रशासन को दी जा चुकी थी।
आज प्रशासन ने किसानों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए सभी पात्र और पंजीकृत किसानों के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर दी। टोकन जारी होते ही किसानों में संतोष और राहत का माहौल देखने को मिला। प्रशासन के इस निर्णय के बाद प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।
किसानों ने प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टोकन मिलने से अब उन्हें धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने इस निर्णय को किसान हित में लिया गया सकारात्मक और सराहनीय कदम बताया। किसानों ने हालांकि प्रशासन के समक्ष एक और महत्वपूर्ण मांग रखी। किसानों का कहना है कि टोकन जारी करने की तिथि को आगे बढ़ाया जाए, ताकि वे किसान भी धान बेच सकें जो किसी कारणवश पंजीयन से वंचित रह गए हैं, जिनका नामांतरण लंबित है या जिनका पंजीयन अब तक पूरा नहीं हो पाया है। किसानों ने आग्रह किया कि कोई भी किसान अपने हक से वंचित न रहे।
बताया गया कि लोइंग सोसायटी के सामने बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए, जहां सभी ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा किसान हित में लिए गए इस निर्णय से उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।
किसानों ने प्रशासन से उम्मीद जताई कि शेष किसानों की समस्याओं को भी गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा बढ़ाई जाएगी और उनके धान की भी खरीदी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वास्तविक रूप से किसान हित साकार हो सके।
