बॉबी देओल का करियर संघर्ष और शानदार वापसी की मिसाल है। काम न मिलने पर उन्होंने डीजे तक का काम किया, डिप्रेशन से जूझे, लेकिन ‘आश्रम’ में बाबा निराला बनकर किस्मत पलट दी।
बॉलीवुड में बहुत कम ऐसे अभिनेता हैं जिनका करियर उतार-चढ़ाव, संघर्ष और ज़बरदस्त वापसी की मिसाल बन गया हो। बॉबी देओल उन्हीं नामों में से एक हैं। कभी रोमांटिक हीरो के तौर पर लाखों दिलों पर राज करने वाले बॉबी ने एक ऐसा दौर भी देखा, जब उनके पास सालों तक काम नहीं था। लेकिन आज वही बॉबी देओल ‘लॉर्ड बॉबी’ के नाम से फैंस के बीच एक अलग ही पहचान बना चुके हैं।
27 जनवरी 1969 को धर्मेंद्र और प्रकाश कौर के घर जन्मे बॉबी देओल ने बचपन में ही फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। वह बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्म ‘धर्मवीर’ में नजर आए। साल 1995 में रिलीज हुई फिल्म ‘बरसात’ से उन्होंने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया और पहली ही फिल्म से सुपरस्टार बन गए। उनकी मासूम मुस्कान, घुंघराले बाल और रोमांटिक अंदाज ने उन्हें यूथ आइकन बना दिया। ‘सोल्जर’, ‘गुप्त’, ‘अजनबी’, ‘हमराज’, ‘बादल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हिट मशीन बना दिया।
