
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने यह कदम शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हालिया आदेश के विरोध में उठाया है।
सूत्रों के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने इस्तीफे में कहा है कि हाल के दिनों में शंकराचार्य से जुड़ी घटनाओं और यूजीसी के नए नियमों ने उन्हें गहरे रूप से आहत किया है। उन्होंने यूजीसी के आदेश को शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के खिलाफ बताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया।
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने त्यागपत्र में यह भी उल्लेख किया कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते वे उन नीतियों और निर्णयों का हिस्सा नहीं बन सकते, जो उनके नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना के विपरीत हों। उनका कहना है कि शंकराचार्य से जुड़े मामले में जिस तरह की परिस्थितियां सामने आईं, उससे समाज में गलत संदेश गया है।
इस्तीफे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई। सिटी मजिस्ट्रेट के डीएम कार्यालय पहुंचने और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ लोग इसे प्रशासनिक असंतोष की अभिव्यक्ति बता रहे हैं, तो कुछ इसे सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा स्वीकार होगा या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाना है, लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
