
नई दिल्ली। बागेश्वर धाम के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए एक वीडियो ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में बहस छेड़ दी है। वीडियो में भारतीय सेना के कुछ जवान वर्दी में बागेश्वर धाम के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल नजर आ रहे हैं। वीडियो में जवान ‘सीता राम’ लिखे केक काटते हुए और पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में भाग लेते दिखाई दे रहे हैं। यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस से ठीक पहले आयोजित बताया जा रहा है।
वीडियो में सिख रेजिमेंट की पारंपरिक पगड़ी पहने जवान भी नजर आ रहे हैं। समर्थकों ने इसे भक्ति और देशभक्ति का संगम बताते हुए सराहा है। उनका कहना है कि सैनिकों का धार्मिक आस्था से जुड़ना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है।
वहीं, आलोचकों ने इस पर आपत्ति जताई है। सेवानिवृत्त कर्नल दानवीर सिंह और कर्नल पवन नायर सहित कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इसे सैन्य प्रोटोकॉल का उल्लंघन करार दिया है। उनका कहना है कि वर्दी में ऐसे सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेना, खासकर जब आयोजन से जुड़े व्यक्ति या मंच विवादास्पद माने जाते हों, सेना की तटस्थता की छवि को प्रभावित कर सकता है।
इस पूरे मामले पर भारतीय सेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्दी में सैनिकों की सार्वजनिक उपस्थिति से जुड़े मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देशों और तटस्थता बनाए रखने की आवश्यकता होती है।
