इंदौर: गांधी नगर थाने में डिजिटल मालखाना शुरू कर दिया गया है, जिससे जब्त माल की सुरक्षा, निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन अब पूरी तरह डिजिटल और रियल-टाइम हो सकेगा.
डिजिटल इंडिया मिशन के तहत शुरू की गई इस व्यवस्था का शुभारंभ पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने किया. यह इंदौर पुलिस कमिश्नरेट का पहला और मध्यप्रदेश पुलिस का दूसरा डिजिटल मालखाना है. इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अमित सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) राजेश कुमार सिंह, जोन-1 के पुलिस उपायुक्त कृष्ण लालचंदानी सहित शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.
पारंपरिक मालखाना प्रणाली की जगह अब केस प्रॉपर्टी का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित किया जाएगा. प्रत्येक जब्त सामग्री को यूनिक आईडी और क्यूआर कोड से जोड़ा जाएगा, जिससे माल का प्रकार, मात्रा, वर्तमान स्थिति और स्थान जैसी जानकारी तुरंत ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी. क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए यह भी दर्ज रहेगा कि किस अधिकारी ने कब और किस उद्देश्य से माल जमा किया या निकाला. नई व्यवस्था से केस प्रॉपर्टी के गुम होने, बदलने या छेड़छाड़ की आशंका लगभग समाप्त हो जाएगी. पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में इस डिजिटल मालखाने को सीसीटीवी निगरानी और बायोमेट्रिक एक्सेस सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूत होगी.
इससे जांच की गति बढ़ेगी और पुलिस के कार्यभार में भी कमी आएगी
अब डिजिटल मालखाने के जरिए कोर्ट, एफएसएल या विवेचना अधिकारी द्वारा मांगी गई सामग्री को कुछ ही सेकंड में ट्रेस कर उपलब्ध कराया जा सकेगा. इससे जांच की गति बढ़ेगी और पुलिस के कार्यभार में भी कमी आएगी. डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर स्वतः रिपोर्ट, स्टॉक रजिस्टर और लॉग हिस्ट्री तैयार होगी, जिससे निरीक्षण और ऑडिट प्रक्रिया भी अधिक सटीक और तेज हो सकेगी. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह प्रणाली स्मार्ट पुलिसिंग का प्रभावी उदाहरण है और इससे पुलिस-जनता के बीच विश्वास और अधिक मजबूत होगा.
