
अशोकनगर। शाढ़ौरा थानांतर्गत ग्राम बमुरिया में पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इससे गुस्साये ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीण व परिजन एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए और दोपहर डेढ़ बजे तक अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। इस दौरान विधायक हरिबाबू राय भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं मृतक के शव का पीएम डाक्टरों के पैनल से करवाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार रात 8 बजे पुलिस बमुरिया गांव पहुंची थी। जहां आठ लोग जुआ खेलते या शराब पीते दिखाई दिए। पुलिस के अनुसार उन्हें ललकारने पर सभी लोग इधर-उधर भागे। जिसमें एक व्यक्ति लखनसिंह यादव (50) पुत्र लक्ष्मणसिंह यादव तालाब की भागा और उसमें गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गई।
इस मामले में पुलिसकर्मियों ने सफाई देते हुए बताया है कि उस समय अंधेरा होने के कारण पुलिस वापस थाने में आ गई। लेकिन अनहोनी की आशंका के चलते रात्रि 10.30 बजे फिर गांव में पहुंची। जहां लक्ष्मण यादव तालाब में मिला। पुलिसकर्मी उसे उठाकर शादौरा अस्पताल लाए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ने ग्रामीण बोले, मारपीट कर, तालाब में डुबोयाः उधर ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस गांव की सभी लाइटें बंद करवा दीं और चुपचाप गांव पहुंचे। अंधेरे में तालाब तक गए और बेरहमी से
लक्ष्मण को तालाब से घसीटा और पुलिस वाहन में रखकर शाहौरा लाए। उस समय उसकी सांसें चल रही थी। अस्पताल पहुंचने पर डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों या परिजनों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। अस्पताल में मृत घोषित करने के बाद परिजनों को सूचना दी गई।
*10 बजे से किया चक्काजामः* जैसे ही गांव में यह खबर फैली, परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण अस्पताल में जुटने लगे। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे बस स्टेंड पहुंचे और वहां शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। दोपहर डेढ़ बजे खबर लिखे जाने तक चक्का जाम जारी था और रोड के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई थीं। एसडीओपी विवेक शर्मा व तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव मोर्चा संभाले थे। दोनों अधिकारी आक्रोशित
ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे किसी की बात सुनने तैयार नहीं थे। ग्रामीण आरोपी 8 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अड़े थे।
ये लगाए आरोपः मृतक लखन के पुत्र मनोज एवं भाई अर्जुन ने पुलिस पर सीधे-धीरे मारने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि तालाब के किनारे ले जाकर पहले उसकी पिटाई की गई एवं तालाब में डुबो डुबो कर उसे मारा है। मुंह में मिट्टी भी दिखी। उन्होंने समय पर जानकारी न देने का आरोप भी पुलिस पर लगाया।
विधायक ने उठाए सवालः अशोकनगर विधायक हरिबाबू राय भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि यह दूसरी घटना थी जब पुलिस ने लोगों के साथ मारपीट की है। ऐसा ही एक मामला पीलीघटा में भी
*खास-खास*
तहसीलदार ने ग्रामीणों से मजिस्ट्रीयल जांच की बात कही और उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
एसडीओपी ने जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
विधायक ने सीएम मोहन यादव, एसपी व वरिष्ठ अधिकारियों से पुलिस की इस तरह की लापरवाही पर लगाम लगाने की अपील की।
आया था। जहां एक व्यक्ति के साथ जुआ खेलने के आरोप में पुलिस द्वारा मारपीट की गई थी। उन्होंने कहा सभी 8 पुलिसकर्मी निलंबित नहीं किए गए तो कांग्रेस आंदोलन व धरना प्रदर्शन करेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिपं अध्यख अजय यादव भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं।
एसपी ने चार को किया निलंबितः मामले में प्रथम दृष्टया चार पुलिसकर्मियों को दोषी पाते हुए एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने निलंबित कर दिया है। इनमें प्रधान आरक्षक नितिन यादव, आरक्षक विष्णु धाकड़, आर. संजीव साहू और आरक्षक शाहरुख खान शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 8 पुलिसकर्मी वहां गए थे, सभी पर कार्रवाई की मांग वे उठा रहे हैं।
तीन डाक्टरों ने किया पीएमः मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का पीएम तीन डाक्टरों के पैनल से करवाया गया है। बीएमओ डा. जयकृतसिंह राजपूत भी इसमें शामिल रहे। पैनल ने प्रथम दृष्टया पानी में डूबने से मौत की पुष्टी की है।
