विकास सोनी
रायसेन: जिले में भाजपा की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद सियासत गर्मा गई है। सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी अपने समर्थकों की अनदेखी से नाराज बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विधायक चौधरी ने नई कार्यकारिणी में अपने समर्थकों के नाम सुझाए थे, लेकिन उन्हें जगह नहीं दी गई। इससे पहले की टीम में उनके कई समर्थक शामिल थे, मगर इस बार 21 सदस्यीय नई कार्यकारिणी में उन्हें दरकिनार कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि नाराज विधायक चौधरी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। पार्टी अंदरखाने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में है, जबकि कई पुराने नेताओं और कुछ विधायकों के करीबियों को भी इस बार नजरअंदाज किया गया है।
इधर, मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी रायसेन भाजपा में घमासान मचा है।
सांची विधानसभा के सचेत, सांची और रायसेन नगर मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति अटकी हुई है, जबकि बेगमगंज ग्रामीण, बाड़ी और भोजपुर मंडल में भी मतभेद गहराए हुए हैं। जिले के छह मंडलों में आपसी खींचतान के चलते अध्यक्षों की घोषणा अब तक नहीं हो पाई है।प्रदेश भाजपा कार्यालय से सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि दीपावली तक जिला कार्यसमिति के शेष पदाधिकारियों और रुके हुए मंडल अध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। फिलहाल जिले की सियासत में यह मामला चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।
