छिंदवाड़ा:साइबर फ्राड लोगों को तरह तरह का झांसा देकर ठगी का शिकार बना कर उनके खाते से रुपए चुरा लेते है. एक ऐसा ही मामला जुन्नारदेव में सामने आया जिसमें साइबर फ्राड ने आरटीओ चालान के नाम से व्हाटस एप में लिंक भेज कर युवक को शिकार बनाया लेकिन समय रहते युवक पुलिस के पास चला गया और ठगी का शिकार होने से बच गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्नपूर्णा फाइनेंस बैंक जुन्नारदेव के एपीसीओ के पद पर कार्यरत समीर ने जुन्नारदेव थाना पहुंचकर शिकायत की कि द्वारा उसका मोबाइल और व्हाटस एप हैक हो गया है और उससे जुड़े लोगों के पास गलत मैसेज जा रहे हैं.
और ओटीपी आ रहे हैं. शिकायत मिलने पर उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे के द्वारा मोबाइल को चेक कर सबसे पहले उसका डाटा बंद कर उसमे इंस्टॉल फाइल देखी तो अज्ञात व्यक्ति के द्वारा आरटीओ चालान एपीक के नाम की फाइल व्हाटस एप मे सेंड कर दी थी जिसे उस युवक ने गलती से क्लिक कर ली थी जिसके कारण फाइल इंस्टॉल हो गई है और समीर का सारा एक्सेस फ्रॉड करने वाले अज्ञात व्यक्ति के पास चला गया है .
उपनिरीक्षक मुकेश डोंगरे ने तुरंत ही एपीक वाली फाइल को खोजकर अवांछित एप्प को सारी परमिशन बन्द कर एप्प को मोबाइल की मेमोरी से अनइन्स्टाल कर हैकर द्वारा युवक के मोबाइल में डाउनलोड किए गए एप्स को हटा दिया और व्हाटस एप एवम मोबाइल को पुन: यथावत रूप से चालू कर प्रार्थी समीर को किसी भी प्रकार से फ्रॉड होने से बचा लिया.
पुलिस ने आम नागरिकों से की अपील
पुलिस के द्वारा आम लोगों से अपील की गई है कि साइबर सुरक्षा के सम्बंध मे पुलिस द्वारा स्कूल, बाजार, सार्वजनिक स्थानों मे जो बाते बतायी जाती है उन्हें ध्यान पूर्वक सुनकर उनका पालन करेंगे तो कोई भी इस प्रकार से साइबर सम्बन्धी घटनाओ के शिकार नहीं हो पाएंगे. साथ पुलिस के द्वारा कभी भी एपीक वाली नाम की किसी भी नाम की फाइल पर क्लिक कर डाउनलोड ना करने की सलाह दी गई. आजकल फ्रॉड करने वाले विभिन्न व्हाटस एप ग्रुप मे शादी कार्ड, ह्म्ह्लश चालान, पीएम किसान निधि योजना, राशन कार्ड, इत्यादि नामों एपीक वाली फाइल भेजते हैं जिसे लोग ठीक से पढ़ नहीं पाते और उस पर क्लिक कर डाउनलोड कर लेते हैं जिससे मोबाइल फोन हैक हो जाता है.
