
बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिला अस्पताल में मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए बनाया गया सराय भवन करोड़ों की सरकारी उदासीनता का प्रतीक बन गया है।
करीब 60 लाख रुपए खर्च होने के बावजूद भवन के ताले आज तक नहीं खुले। ठंड और तेज हवाओं के बीच परिजन खुले आसमान के नीचे अलाव जलाकर रात काटने को मजबूर हैं।
भवन निर्माण पर 50 लाख और पलंग, गद्दे, अलमारी, पंखे समेत अन्य सुविधाओं पर 10 लाख खर्च किए गए, फिर भी मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। अस्पताल परिसर में गर्म पानी तक की व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में परिजन अलाव पर पानी गर्म कर मरीजों की सेवा कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि संचालन के लिए 15 कर्मचारियों की जरूरत है, जो उपलब्ध नहीं हैं। इसी बहाने भवन महीनों से बंद पड़ा है। विभाग ने किसी संस्था को संचालन देने का प्रस्ताव भेजने की बात कही है, लेकिन जमीनी हालात जस के तस हैं।
