नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के अपतटीय गश्ती पोत आईसीजीएस वराह और फास्ट पेट्रोल वेसल आईसीजीएस अतुल्य ने भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी विदेशी तैनाती के तहत 24 जनवरी 2026 को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर आगमन किया। यह दौरा क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को सशक्त करने, साझेदार एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने और आपसी सद्भाव को प्रोत्साहित करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।कोलंबो प्रवास के दौरान भारतीय तटरक्षक बल के जहाज़ श्रीलंका कोस्ट गार्ड (SLCG) के साथ पेशेवर संवाद करेंगे, जिनका उद्देश्य क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान है। इन संवादों का फोकस समुद्री खोज एवं बचाव (M-SAR), समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया (MPR), समुद्री कानून प्रवर्तन (MLE) और विज़िट, बोर्ड, सर्च एंड सीज़र (VBSS) जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा।
पेशेवर गतिविधियों के साथ-साथ, इस दौरे में शिष्टाचार भेंट, मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी सौहार्द और जन-जन के संबंध मजबूत होंगे। चालक दल द्वारा सामुदायिक सेवा गतिविधियाँ भी की जाएँगी। यह दौरा भारत की स्वदेशी जहाज़ निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करेगा और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को सुदृढ़ करेगा। जहाज़ आम दर्शकों के लिए खुले रहेंगे, जिससे स्थानीय गणमान्य नागरिकों, युवाओं, छात्रों और सामुदायिक समूहों को भारतीय तटरक्षक बल की क्षमताओं को समझने का अवसर मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप, आईसीजीएस वराह और आईसीजीएस अतुल्य समुद्र तट सफाई अभियान, समुद्री पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम तथा पुनीत सागर अभियान के अंतर्गत स्थानीय युवाओं और समुदायों के साथ सहभागिता करेंगे।कोलंबो प्रवास के दौरान भारतीय तटरक्षक बल के जहाज़ इंडिया हाउस में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में भी भाग लेंगे।
इसके बाद 27 जनवरी 2026 को कोलंबो तट के पास श्रीलंका के साथ अभ्यास सागरएक्स (SAGAREX) आयोजित किया जाएगा, जिसमें समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया पर संयुक्त अभ्यास किया जाएगा।यह मिशन भारत की ‘सागर — क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ की परिकल्पना को दोहराता है और भारतीय महासागर क्षेत्र में सुरक्षित, संरक्षित और स्वच्छ समुद्र सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका को रेखांकित करता है।
