भोपाल: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वैश्विक मंच पर इस बार सबसे अधिक ध्यान भारतीय प्रतिनिधिमंडल पर रहा, जिसमें मध्यप्रदेश की मौजूदगी खास तौर पर चर्चाओं में रही। 200 से अधिक देशों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश ने अपनी नीतियों और संभावनाओं से निवेशकों को आकर्षित किया।मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊर्जा नीति, श्रम सुधारों और प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता के चलते मध्यप्रदेश पूरे आयोजन में निवेशकों के रडार पर रहा। उन्होंने कहा कि देश के 10 राज्यों ने दावोस में सहभागिता की, लेकिन निवेश के लिहाज से मध्यप्रदेश विशेष पहचान बनाने में सफल रहा। खासकर नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की संभावनाओं ने वैश्विक निवेशकों को प्रभावित किया।
डॉ. यादव ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और पर्याप्त लैंड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाओं ने मध्यप्रदेश को एक उभरती आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। निवेशकों को यहां हर स्तर पर सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने रोजगार के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 9 करोड़ की आबादी के साथ मध्यप्रदेश जनसंख्या के लिहाज से देश में पांचवें स्थान पर है, लेकिन प्रभावी नीतियों के कारण बेरोजगारी दर के मामले में यह देश के सबसे बेहतर तीन राज्यों में शामिल है। त्रिपुरा और तेलंगाना जैसे छोटे राज्यों की तुलना में भी कम बेरोजगारी दर होना मध्यप्रदेश की नीतिगत सफलता को दर्शाता है।
