फर्जी दस्तावेजों से लोन दिलाने वाले सहयोगी आरोपियों को दस-दस साल की सजा

जबलपुर: कूट रचित दस्तावेज तैयार कर किसी और की जमीन को अपना बताकर एक दंपत्ति को लोन दिलाने में सहयोग करने वाले आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रीति शिखा अग्निहोत्री की अदालत ने राजकुमार यादव व विजय कुमार यादव दस-दस साल के सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।अदालत के समक्ष अतिरिक्त लोक अभियोजक अरविंद जैन ने पक्ष रखा।

अदालत को बताया गया कि रिछाई निवासी 32 वर्षीय गौरव प्रसाद तिवारी ने अधारताल थाने में शिकायत दर्ज करायी। जिसमें बताया था कि उसके दादाजी गौरीशंकर तिवारी के नाम पर दर्ज जमीन मौजा बघेली रकवा 2.760 हैक्यिर भूमि है। उसके दादा की मृत्यु 27 मई 2013 में हो चुकी है। दादाजी के स्वर्गवास के बाद जमीन पर बुआई उसके पिता एवं चाचा नारायण प्रसाद करते है। जुलाई महीने मे फौती चढवाने एवं खसरे की नकल लेने तहसील पनागर गया था जहॉ पता चला उसके दादा जी के नाम पर दर्ज जमीन पर आईसीआईसी बैंक अधारताल द्वारा 4 लाख 8100 रूपये का दिसंबर 2016 को किसान क्रैडिट कार्ड बनाकर लोन स्वीकृत किया गया है।

जब पतासाजी की गई तो ज्ञात हुआ कि केसीसी लोन लेने वाले गौरी शंकर यादव और उनकी पत्नि रेखा यादव निवासी सुमन नगर रिछाई एंव जमानतदार राजकुमार यादव निवासी अधारताल, विजय मिश्रा निवासी रिछाई के नाम के हस्ताक्षरित दस्तावेज थे। जमानतदार के रूप में राजकुमार यादव निवासी सुभाष नगर महाराजपुर एवं विजय कुमार मिश्रा रिछाई द्वारा मिली भगत कर रकम निकालने में सहयोग किया गया है। पूरे मामले का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी राजकुमार यादव उम्र 62 वर्ष निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सुभाष नगर महाराजपुर व विजय कुमार यादव उम्र 55 वर्ष निवासी कांचघर स्टेशन रोड खेरमाई मंदिर के पास थाना घमापुर को उक्त सजा सुनाई।

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