
नयी दिल्ली, 18 जून (वार्ता) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (एनएचएआई) ने केरल के कारगोड जिले में एनएच-66 के निर्माण कार्य के दौरान एक हिस्सा ढहने की घटना के बाद अनुबंधित कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया है। कासरगोड जिले में चेरक्कला में चेंगाला-नीलेश्वरम खंड में निर्माण के ढहने की घटना सोमवार को हुई।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में यह यह घोषणा करते हुए कहा कि मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. कंपनी को भविष्य के ठेकों के लिए बोली लगाने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईआईटी-पलक्कड़ के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जो साइट का दौरा करेगी और एनएच-66 के डिजाइन और निर्माण की समीक्षा करेगी। समिति परियोजना के लिए विस्तृत उपचारात्मक उपाय भी सुझाएगी।
बयान में कहा गया है कि एनएचएआई इस घटना से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक उपाय कर रहा है।
इस परियोजना का ठेका हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) पर दिया गया है। शर्तों के अनुसार ठेकेदार को 15 वर्षों तक इस खंड का रख रखाव और ढलान के संरक्षण कार्यों का पुनर्निर्माण अपने खर्च पर करना है।
