
इंदौर. भागीरथपुरा इलाके में उल्टी दस्त की बीमारी से शुक्रवार को दो और मरीज की मौत हो गई. स्थानीय स्तर पर इसे दूषित पानी से जुड़ी 27 वीं मौत बताया जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को सीधे तौर पर दूषित पानी से जोड़ने से इनकार कर रहा है.
विभाग का कहना है कि मृतकों में अधिकांश पहले से अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे.
जानकारी के अनुसार भागीरथपुरा में रहने वाले 63 वर्षीय बद्री प्रसाद को उल्टी दस्त की शिकायत के बाद 17 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बद्री प्रसाद टीबी की बीमारी से भी पीड़ित थे. इसी तरह यहीं शुक्रवार को 82 वर्षीय विद्या बाई की भी मौत हो गई. मृतक के बेटे का कहना है कि उन्हें 10 जनवरी को उल्टी दस्त की शिकायत थी, जिसका इलाज घर पर ही चल रहा था, मगर मंगलवार को कमजोरी के चलते वह बाथरुम में गिर गई थी. जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती किया था, जांच में पता चला कि उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी, मगर उम्र अधिक होने के कारण सर्जरी नहीं हो सकी थी. जिसके चलते उन्हें घर ले आए थे. गुरुवार की रात जब तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अरविंदो अस्पताल ले गए थे, जहां उनकी दो घंटे बाद ही मौत हो गई. इस मौत के बाद इलाके में अब तक 27 लोगों की जान जाने की बात सामने आ रही है.
भागीरथपुरा में उल्टी दस्त के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं. वर्तमान में अरविंदो अस्पताल में 10 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है और वह वेंटिलेटर पर है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भर्ती मरीजों में से 8 लोग पहले से अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी माधव हसानी ने बताया कि सभी मामलों की निगरानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों में अधिकांश पहले से दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं. मौतों के कारणों का मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आंकलन किया जा रहा है.
