
जबलपुर। भारत की विकास दर विश्व में सबसे तेज है और इसमें भी मध्यप्रदेश सभी राज्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश जनसंख्या के आधार पर देश में पांचवें स्थान पर है, लेकिन युवाओं की संख्या के मामले में पहले स्थान पर है। मप्र आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा। किसी भी राज्य के विकास के लिए आर्थिक सशक्तता अत्यंत आवश्यक है। यदि राज्य आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगा तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर कम होना प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश की पहचान किसी भी प्रदेश की पहचान उसके केवल नक्शे से ही नहीं, बल्कि उपलब्धियों से भी होती है। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम दावोस की वार्षिक बैठक में सहभागिता के उपरांत जबलपुर में व्यापारियों एवं उद्यमियों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश अपनी प्रभावी नीतियों और उनके सफल क्रियान्वयन के कारण न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बना रहा है। प्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से अग्रसर है और निवेश के लिए उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जबलपुर शहर के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें जबलपुर से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शहरों को शामिल किया जाएगा।
2014के बाद बदली स्थिति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के पहले की स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और आज दुनिया का हर देश व्यापार और निवेश के लिए भारत से जुडऩे को उत्सुक है। राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियां बनाई जा रही हैं।
चीता परिवार का विस्तार, गर्व की बात
सीएम ने कहा कि आज यदि कहीं चीता परिवार का विस्तार हो रहा है तो वह मध्यप्रदेश में हो रहा है, जो पूरे एशिया के लिए गर्व की बात है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ की गई है, जिसमें 45 मिनट की यात्रा का किराया मात्र 3500 रुपये रखा गया है, जो अन्य राज्यों
की तुलना में काफी कम है। इससे प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलेगी।
